Ranchi: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के दौरान शनिवार को रांची के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अरुमा टेक्निकल सेंटर में सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा सर्वर और लिंक फेल होने की वजह से करीब ढाई से तीन घंटे की देरी से शुरू हुई।
सुबह से केंद्र पहुंचे थे अभ्यर्थी
जानकारी के अनुसार चतरा, हजारीबाग समेत विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी सुबह 7 से 7:30 बजे के बीच ही परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। प्रवेश प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। इससे छात्रों को लंबे समय तक केंद्र के भीतर इंतजार करना पड़ा।
गर्मी और अनिश्चितता से जूझते रहे छात्र- अभिभावक
परीक्षा में देरी के कारण केंद्र के भीतर मौजूद छात्र और बाहर इंतजार कर रहे अभिभावक गर्मी और असमंजस की स्थिति से परेशान रहे। कई अभिभावकों ने परीक्षा संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के लिए समय की सख्त पाबंदी होती है, लेकिन परीक्षा आयोजन में हुई देरी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सूचना के अभाव से बढ़ी नाराजगी
अभिभावकों का आरोप है कि सुबह से परीक्षा केंद्र प्रबंधन की ओर से स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। बाहर मौजूद लोगों को यह नहीं बताया गया कि तकनीकी समस्या कब तक दूर होगी और परीक्षा कब शुरू कराई जाएगी, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
मीडिया को रोकने का भी आरोप
कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद मीडिया को घटनास्थल पर रिपोर्टिंग करने से रोकने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि तकनीकी समस्या उजागर होने के बाद ही परीक्षा शुरू होने की सूचना दी गई।
जांच और कार्रवाई की मांग
छात्रों और अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की तकनीकी समस्याएं परीक्षार्थियों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं और उनके प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
परीक्षा संचालन व्यवस्था पर उठे सवाल
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों और प्रबंधन संबंधी विवादों के बीच CUET परीक्षा में हुई यह घटना एक बार फिर परीक्षा संचालन व्यवस्था, तकनीकी तैयारियों और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।