National News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. प्रसिद्ध कथावाचक कमल किशोर नागर की कथा के लिए बनाया गया मुख्य पंडाल अचानक गिर पड़ा. घटना के वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुन रहे थे. टेंट गिरते ही पूरे परिसर में अफरा- तफरी मच गई और लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस हादसे में करीब 25 से 30 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
पंडाल के नीचे दब गए कई श्रद्धालु
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कथा स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. इसी दौरान अचानक टेंट का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा. देखते ही देखते कई लोग उसके नीचे दब गए. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और हर कोई सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करने लगा. इससे स्थिति और अधिक अव्यवस्थित हो गई.
स्थानीय लोगों और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी राहत कार्य में जुट गए. टेंट के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया. गंभीर रूप से घायल कुछ श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किए जाने की भी जानकारी मिली है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद आयोजन समिति की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था. लोगों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.
भीड़ नियंत्रण और इमरजेंसी व्यवस्था में कमी के आरोप
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार आयोजन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था. साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी एग्जिट जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नहीं थीं. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा प्रबंधन कमजोर नजर आया.
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और राहत टीम मौके पर पहुंच गई. घायलों के इलाज और राहत कार्य लगातार जारी हैं. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पंडाल गिरने के पीछे तकनीकी खामी थी या प्रबंधन स्तर पर कोई लापरवाही हुई, इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या और हादसे के सटीक कारणों को लेकर विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है.