Iranian Missile And Drone Attack: अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे “अली अल सलेम एयर बेस” पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान, विशेषकर बंदर अब्बास क्षेत्र पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।
एयर डिफेंस ने रोकी मिसाइल, फिर भी घायल हुए सैनिक
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई फतेह-110 बैलिस्टिक मिसाइल को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया। हालांकि, मिसाइल का मलबा एयर बेस परिसर में गिरा, जिससे कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। अमेरिका ने हमले की पुष्टि करते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
अमेरिका को बड़ा झटका, दो MQ-9 रीपर ड्रोन क्षतिग्रस्त
हमले के दौरान अमेरिकी सेना के दो अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन भी प्रभावित हुए। इनमें से एक ड्रोन पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। करीब 3 करोड़ डॉलर कीमत वाले ये ड्रोन निगरानी और सटीक हवाई हमलों के लिए अमेरिकी रक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
युद्धविराम पर मंडराया संकट, बढ़ा तनाव
ईरान के इस जवाबी हमले के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा नाजुक युद्धविराम टूटने के कगार पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसे “आक्रामक अमेरिकी हमले” के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया है। घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिरता को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं।
व्हाइट हाउस में मंथन, समझौते पर फैसला टला
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, लेकिन युद्धविराम बढ़ाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने संबंधी प्रस्तावित समझौते पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप केवल उसी समझौते को मंजूरी देंगे जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करे।