Ranchi News: राजधानी रांची में बारिश के मौसम से पहले सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सूखे और जर्जर पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सड़क किनारे मौजूद खतरनाक पेड़ों की छंटाई और आवश्यकतानुसार कटाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
पेड़ों की छंटाई से दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर पेड़ों की ट्रिमिंग किए जाने से न केवल उनकी संरचना संतुलित और सुरक्षित बनी रहती है, बल्कि तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ या शाखाएं गिरने की आशंका भी कम हो जाती है. इससे बिजली लाइनों, वाहनों और आम लोगों को होने वाले संभावित नुकसान से भी बचाव होगा.
लगातार उठ रहे थे सुरक्षा संबंधी सवाल
शहर में लंबे समय से सूखे पेड़ों और बिजली तारों से सटी बड़ी शाखाओं को लेकर चिंता जताई जा रही थी. विभिन्न माध्यमों से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद संबंधित विभागों का ध्यान इस ओर गया. अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग ने समन्वय बनाकर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.
राजधानी में 1200 से अधिक सूखे पेड़ों की पहचान
वन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक रांची के विभिन्न इलाकों में करीब 1200 ऐसे पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जो सूख चुके हैं या लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. हालांकि इनमें से कितने पेड़ों को अब तक हटाया गया है, इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.
शहरवासियों की अपेक्षा है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सूखे पेड़ों की कटाई और जोखिम वाली शाखाओं की छंटाई का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा. इससे तेज आंधी, बारिश और तूफान के दौरान होने वाले संभावित हादसों को काफी हद तक रोका जा सकेगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.