Ranchi: बीआईटी मेसरा में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए लंबे समय से लागू 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त किए जाने के निर्णय को लेकर विरोध शुरू हो गया है। छात्र नेता वसीम अंसारी ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के छात्रों के हितों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय झारखंड के युवाओं के शैक्षणिक अवसरों को प्रभावित करने वाला है और इसका वे पूरी तरह विरोध करते हैं।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
वसीम अंसारी ने झारखंड सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह मामले की समीक्षा कर छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाए।
बीआईटी प्रशासन को दिया 10 दिन का समय
छात्र नेता ने बीआईटी मेसरा प्रशासन और कुलपति को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि झारखंडी छात्रों के लिए पहले की तरह 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा बहाल किया जाए। उनका कहना है कि यदि यह व्यवस्था समाप्त रहती है तो राज्य के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा में अवसर कम हो जाएंगे।
नई नीति पर उठाए सवाल
वसीम अंसारी ने आरोप लगाया कि संस्थान की नई नीति स्थानीय छात्रों की अपेक्षाओं और अधिकारों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्थित एक प्रमुख शिक्षण संस्थान होने के नाते बीआईटी मेसरा की जिम्मेदारी है कि वह राज्य के छात्रों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए।
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर होम स्टेट कोटा को पुनः लागू नहीं किया गया तो छात्र समुदाय आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। वसीम अंसारी ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर संस्थान परिसर में तालाबंदी समेत व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह संस्थान प्रशासन की होगी।