Jharkhand News: झारखंड में लंबे समय से बने बालू संकट को दूर करने की दिशा में खान विभाग की पहल अब जमीन पर दिखने लगी है। राज्य के विभिन्न जिलों के 19 बालू घाटों का लीज एग्रीमेंट पूरा हो चुका है। संबंधित कंपनियों द्वारा टेंडर राशि का 50 प्रतिशत जमा करते ही इन घाटों से बालू उठाव और संचालन शुरू हो जाएगा। इससे निर्माण कार्यों को गति मिलने और बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
डीसी स्तर पर प्रक्रिया पूरी, बालू आपूर्ति की तैयारी तेज
जिलाधिकारियों के स्तर पर लीज प्रक्रिया पूरी होने के बाद संचालन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गोड्डा, जामताड़ा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और खूंटी समेत कई जिलों के घाटों से निकाली जाने वाली बालू को निर्धारित स्टॉक यार्डों में जमा किया जाएगा। इससे जरूरत के समय बाजार में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
13 स्टॉक यार्ड तैयार, प्रदूषण बोर्ड से मिली मंजूरी
राज्य में बालू भंडारण के लिए 13 स्टॉक यार्ड तैयार किए गए हैं, जिन्हें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संयुक्त सीटीई/सीटीओ की मंजूरी भी मिल चुकी है। कटानिया, परिया, हरलाडंगल, चक्कामरदाहा, राजौन कला, मखनी, विश्रामपुर, ढेंगा, गरिहलमद, बुधीरोमा, खेतको तथा पूर्वी सिंहभूम के दो स्टॉक यार्डों में बालू का भंडारण किया जाएगा।
प्रतिबंध के दौरान भी मिलेगी बालू, कृत्रिम संकट पर लगेगी रोक
इन स्टॉक यार्ड का मुख्य उद्देश्य उस अवधि के लिए बालू का भंडारण करना है, जब एनजीटी या पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण घाटों से खनन बंद रहता है। विभाग का मानना है कि स्टॉक यार्ड व्यवस्था लागू होने से प्रतिबंध अवधि में भी वैध रूप से बालू उपलब्ध रहेगी, जिससे बाजार में कृत्रिम संकट और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी पर रोक लगाई जा सकेगी।