Jharkhand News: झारखंड की सभी जिला अदालतों में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, लैंगिक समानता और यौन उत्पीड़न की शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर "झारखंड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड सेक्सुअल हरासमेंट ऑफ वूमेन रेगुलेशन-2026" को राज्यभर की जिला अदालतों में लागू करने का आदेश जारी किया गया है.
यह निर्देश झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा की ओर से जारी किया गया है. इसके बाद अलग-अलग जिला अदालतों में शिकायत निवारण समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
रांची सिविल कोर्ट में बनी 7 सदस्यीय इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने सात सदस्यीय जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी का गठन किया है. यह समिति अदालत परिसर में महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई, शिकायतों की जांच और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएगी.
फैमिली कोर्ट के जज को सौंपी गई कमेटी की जिम्मेदारी
समिति का अध्यक्ष फैमिली कोर्ट के जज राजेश कुमार सिंह को बनाया गया है. वहीं सीनियर डिवीजन की सिविल जज अर्चना कुमारी, अधिवक्ता सोसन नाग, अधिवक्ता ज्योति आनंद, अधिवक्ता मनोरमा मिंज, सीनियर डिवीजन की सिविल जज श्रुति सोरेन और जूनियर डिवीजन की सिविल जज एकता सक्सेना को समिति का सदस्य बनाया गया है.
महिलाओं के लिए सुरक्षित न्यायिक माहौल बनाने की पहल
नई व्यवस्था का उद्देश्य अदालत परिसर में कार्यरत महिला न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और अन्य महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक रूप से संवेदनशील वातावरण तैयार करना है. समिति शिकायतों की सुनवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाने और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी.