Current News : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (झारखंड) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटलीकरण और स्कैनिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीकी गुणवत्ता और छात्रों के डेटा की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की है।
मोबाइल से उत्तरपुस्तिकाओं की तस्वीरें लेने का लगाया आरोप
कांग्रेस का दावा है कि CBSE छात्रों को यह जानकारी देता है कि उत्तरपुस्तिकाओं को स्कैनर की सहायता से स्कैन किया जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों को आधार बनाकर पार्टी ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग के बजाय मोबाइल फोन से तस्वीरें लेकर उन्हें अपलोड किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो यह निर्धारित प्रक्रिया और मानकों पर सवाल खड़े करता है।
पार्टी ने यह भी कहा कि तस्वीरों से ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटलीकरण में आवश्यक तकनीकी सावधानियों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे रिकॉर्ड की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
तकनीकी खामियों और मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए प्रश्न
कांग्रेस के अनुसार, साझा की गई तस्वीरों में कई प्रकार की तकनीकी कमियां दिखाई दे रही हैं। पार्टी का आरोप है कि कुछ उत्तरपुस्तिकाएं मुड़ी हुई अवस्था में नजर आ रही हैं, कई पन्नों पर छाया दिखाई दे रही है और कुछ पन्ने पूरी तरह समतल नहीं हैं। ऐसे में उत्तरपुस्तिकाओं की डिजिटल प्रतियों की स्पष्टता और गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पार्टी का कहना है कि यदि उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग या डिजिटलीकरण सही तरीके से नहीं किया जाता है तो इससे मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी प्रभाव पड़ सकता है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस ने छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि यदि उत्तरपुस्तिकाओं तक अनधिकृत पहुंच की संभावना है या उनके डिजिटलीकरण में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, तो इससे लाखों छात्रों की निजी जानकारी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
अपने बयान में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है और इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया, इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों तथा संबंधित एजेंसियों की भूमिका की विस्तृत जांच कराई जाए और छात्रों के हितों तथा डेटा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले में CBSE की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि बोर्ड की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उससे इस विवाद को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।