Jamshedpur News: जमशेदपुर के सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में दो दिनों के भीतर हुई दो मरीजों की मौतों को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दोनों घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दो परिवारों की पीड़ा ने खोली स्वास्थ्य सेवाओं की पोल
विधायक ने पत्र में कहा कि सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की संभावित लापरवाही के कारण दो परिवारों को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी। जेम्को के आजाद बस्ती निवासी भुवनेश्वर कुमार को कमर दर्द की शिकायत पर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजनों के अनुसार केवल इंजेक्शन देकर घर भेज दिया गया और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। वहीं भुइयांडीह निवासी श्रवण कुमार की एमजीएम अस्पताल परिसर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पूर्णिमा साहू ने दोनों मामलों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने, समयबद्ध जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।
स्वास्थ्य मंत्री और डीसी से भी की बात
विधायक ने मामले को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से फोन पर बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि बर्खास्तगी की मांग की। मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन दिया। वहीं उन्होंने जिला उपायुक्त से भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, जिस पर जांच समिति गठित करने का भरोसा दिया गया।
पीड़ित परिवारों से मिलकर दिया न्याय का भरोसा
पूर्णिमा साहू ने दोनों मृतकों के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीब और आम लोगों की अंतिम उम्मीद होते हैं, ऐसे में इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।