Ramgarh News: पतरातू इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में कार्यरत सुमित कंस्ट्रक्शन के मजदूरों ने प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड और प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि 31 मई की रात वे काम खत्म कर अपने कमरों में आराम कर रहे थे, तभी गार्डों ने पत्थरबाजी का आरोप लगाते हुए अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उनका दावा है कि बिना किसी चेतावनी के उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
बिना वजह बरसी लाठियां, कमरों में घुसकर की मारपीट
मजदूरों के अनुसार, कुछ लोग खाना बना रहे थे तो कुछ अपने कमरों या बाथरूम में थे। आरोप है कि गार्डो ने किसी की बात सुने बिना मारपीट शुरू कर दी। कुछ मजदूरों ने कहा कि उन्हें बाथरूम से बाहर निकालकर पीटा गया। घटना के बाद मजदूरों में भय और आक्रोश का माहौल है।
घायल मजदूरों ने लगाई इंसाफ की गुहार
घायल मजदूरों ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि वे रोजी-रोटी कमाने के लिए अपने गांवों से यहां आए हैं, अपराधी नहीं हैं। उनका सवाल है कि आखिर उन्हें इस तरह की सजा किस बात की दी गई। मजदूरों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा
वहीं प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्लांट परिसर में कुछ मजदूरों के बीच शराब के नशे में विवाद और मारपीट हुई थी। स्थिति को संभालने पहुंचे सिक्योरिटी गार्डों के साथ भी कथित तौर पर हाथापाई की गई। इसके बाद पतरातू पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन का कहना है कि इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसमें पुलिसकर्मी और गार्ड घायल हुए, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
लाठीचार्ज में कई मजदूर घायल, अस्पताल में इलाज जारी
मजदूरों का कहना है कि झगड़े में शामिल लोग मौके से भाग गए थे, फिर भी बड़ी संख्या में निर्दोष श्रमिकों को निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक लाठीचार्ज में करीब तीन दर्जन मजदूर घायल हुए हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मैक्स अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पतरातू सर्किल इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह और थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे तथा मजदूरों को उचित जांच और न्याय का भरोसा दिलाया।