Bihar News : मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत के बाद सदर अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा होता रहा। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन, पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
परिजनों के अनुसार उन्हें जेल प्रशासन की ओर से सूचना दी गई थी कि कैदी की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें उसके निधन की जानकारी मिली, जिसके बाद आक्रोशित परिजन हंगामा करने लगे।
शराब मामले में गिरफ्तारी पर भी उठाए सवाल, मारपीट का लगाया आरोप
मृतक हलई थाना क्षेत्र के इंद्रावारा गांव का निवासी था। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पहले उत्पाद विभाग ने उसे शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था, जबकि उसके पास से कोई शराब बरामद नहीं हुई थी। उनका दावा है कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया और केस में राहत देने के नाम पर पैसे की मांग भी की गई थी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों को छिपाने के लिए उसे अस्पताल लाया गया था।
जांच और कार्रवाई तक पोस्टमार्टम से इनकार, अस्पताल बना पुलिस छावनी
परिजनों ने मांग की कि मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन की निगरानी में विशेष जांच समिति गठित की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं होता, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।
हंगामे की सूचना पर नगर थाना समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। देर रात तक अस्पताल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और सदर अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
परिजनों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है।