Current News : सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में छात्र उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी, धुंधली स्कैन कॉपी, गायब पन्नों और अपेक्षा से कम अंक मिलने की शिकायत कर रहे हैं। दूसरी ओर, सीबीएसई का दावा है कि उसकी प्रणाली पारदर्शी और सुचारू रूप से काम कर रही है।
छात्रों ने सोशल मीडिया पर साझा की परेशानियां
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली प्रतियां मिलीं, कुछ मामलों में उत्तरों के पन्ने गायब पाए गए, जबकि कई अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन में त्रुटियों की शिकायत की है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि पोर्टल पर लॉगिन, भुगतान और आवेदन जमा करने में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
CBSE ने कहा- पोर्टल चालू, साइबर हमलों से भी जूझना पड़ा
सीबीएसई ने इन शिकायतों के बीच कहा है कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल कार्यरत है और हजारों छात्र सफलतापूर्वक आवेदन कर चुके हैं। बोर्ड के अनुसार पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के साथ-साथ साइबर हमलों और डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS) अटैक का भी सामना करना पड़ा, जिसके बावजूद सेवाएं जारी रखी गईं।
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी मूल्यांकन प्रणाली में सामने आई विसंगतियों को स्वीकार करते हुए आवश्यक सुधार और जवाबदेही तय करने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
मामले ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का रूप ले लिया है। कई छात्रों ने अपनी शिकायतों को सार्वजनिक करते हुए पारदर्शी जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की मांग की है। वहीं बोर्ड का कहना है कि सभी शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।