Ranchi News: रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में मीडिया कर्मियों की एंट्री पर रोक लगाने के फैसले के बाद झारखंड में सियासी पारा चढ़ गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रिम्स प्रबंधन के इस आदेश पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है.
स्वास्थ्य मंत्री पर हकीकत छुपाने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता रमाकांत महतो ने सीधे तौर पर रिम्स प्रशासन और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और इसकी जमीनी हकीकत को जनता से छुपाने के लिए यह पाबंदी लगाई गई है. भाजपा ने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया है.
भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को दबाने की कोशिश
रमाकांत महतो ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं पर पर्दा डालना चाहती है. उन्होंने दावा किया कि रिम्स में दवाओं की खरीद, मेडिकल उपकरणों की सप्लाई और हाल ही में हुई कई नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं. मीडिया पर बैन लगाकर सरकार अपनी इन्हीं नाकामियों और घोटालों को दबाना चाहती है.
पारदर्शिता की जगह तानाशाही रवैया
भाजपा का कहना है कि देश के किसी भी बड़े मेडिकल संस्थान में मीडिया पर इस तरह का कड़ा प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. सरकार को अपनी कमियां छुपाने की जगह रिम्स की व्यवस्था सुधारने और काम में पारदर्शिता लाने पर जोर देना चाहिए. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में राज्य सरकार से मांग की है कि मीडिया के प्रवेश पर लगी इस रोक को बिना किसी देरी के फौरन हटाया जाए.