Giridih News: गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
लंबित भुगतान पर जताई नाराजगी, 7 दिन की दी मोहलत
समीक्षा में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की कई योजनाओं का भुगतान अब तक लंबित है, जिससे लाभार्थियों और कार्य एजेंसियों को परेशानी हो रही है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित मुखियाओं को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर लंबित भुगतानों का निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, सचिवों पर भी गिरेगी गाज
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर संबंधित जनप्रतिनिधियों और कर्मियों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित पंचायत सचिवों के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर, समयबद्ध क्रियान्वयन प्राथमिकता
बैठक में अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी, भुगतान प्रक्रिया में तेजी और अभिलेखों के अद्यतन संधारण का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है, इसलिए सभी अधिकारी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने दोहराया कि विकास योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।