Ranchi News : राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए सिक्योरिटी मनी की वापसी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। वित्त विभाग के इस फैसले से लंबे समय से अपनी जमा राशि की वापसी का इंतजार कर रहे ठेकेदारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार कई मामलों में ठेकेदारों से काटी गई सिक्योरिटी मनी निर्धारित सरकारी खाते में जमा होने के बजाय पीएल (पर्सनल लेजर) खाते में जमा कर दी गई थी। इसके कारण कार्य पूरा होने और निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी संबंधित ठेकेदारों को उनकी राशि वापस नहीं मिल पा रही थी।
गलत खाते में जमा होने से अटकी थी राशि, अब तय हुई वापसी की प्रक्रिया
वित्त विभाग के संयुक्त सचिव ज्योति कुमार झा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि सिक्योरिटी मनी को सरकारी खाते के शीर्ष 8443 में जमा किया जाना चाहिए था, लेकिन कई मामलों में यह राशि पीएल खाते में जमा कर दी गई। इससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई और ठेकेदारों की राशि वर्षों तक लंबित रही।
राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा इस समस्या के समाधान की मांग किए जाने के बाद वित्त विभाग ने विस्तृत एसओपी जारी कर राशि वापसी की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब पीएल खाते में जमा सिक्योरिटी मनी को भी नियमानुसार संबंधित ठेकेदारों को लौटाया जा सकेगा।
सरकारी योजनाओं में 2 से 8 प्रतिशत तक काटी जाती है सिक्योरिटी मनी
गौरतलब है कि सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में ठेकेदारों से सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी मनी) के रूप में आमतौर पर 2 से 8 प्रतिशत तक राशि काटी जाती है। कार्य संतोषजनक ढंग से पूरा होने और तय अवधि तक किसी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय गड़बड़ी नहीं मिलने पर यह राशि वापस करने का प्रावधान है।
नई एसओपी लागू होने के बाद लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने और ठेकेदारों की अटकी हुई राशि लौटाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।