Adityapur: बीती रात अज्ञात वाहनों की टक्कर से शहर के तीन ट्रैफिक सिग्नल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के कारण बुधवार सुबह यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू बनाने में जुट गई।
हाल ही में लगाए गए थे ट्रैफिक सिग्नल
जानकारी के अनुसार, क्षतिग्रस्त हुए तीनों ट्रैफिक सिग्नल हाल ही में स्थापित किए गए थे। इन्हें चालू करने के लिए विशेष तकनीकी टीम की मदद ली गई थी। लेकिन अज्ञात वाहनों की टक्कर से एक ही रात में ये सिग्नल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।यातायात विभाग के अनुसार, ट्रैफिक सिग्नलों को हुए नुकसान से लाखों रुपये की क्षति हुई है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक तीनों सिग्नलों को दोबारा स्थापित करने और चालू करने में करीब 8 से 10 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही यातायात थाना प्रभारी राजू कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहनों की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार या लापरवाही से वाहन चला रहे चालकों की वजह से यह घटना हुई है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि देर रात भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सिग्नलों को नुकसान पहुंचा हो सकता है।
दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
यातायात थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
नई व्यवस्था होने तक पुलिस संभाल रही यातायात
फिलहाल क्षतिग्रस्त ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत और पुनर्स्थापना तक संबंधित स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से स्थापित ट्रैफिक सिग्नलों का एक ही रात में क्षतिग्रस्त हो जाना चिंता का विषय है और इससे शहर की यातायात व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।