Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा विभाग की विज्ञान एवं गणित किट वितरण योजना में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। भारत आदिवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष तुरी सुंडी ने झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक, मुख्यमंत्री, उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
172 विद्यालयों के लिए स्वीकृत हुई थी राशि
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के हाई स्कूल एवं प्लस-टू विद्यालयों के लिए विज्ञान और गणित किट खरीदने हेतु प्रति विद्यालय 5,000 रुपये की दर से कुल 8 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। योजना के तहत किट की खरीदारी संबंधित विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के माध्यम से की जानी थी।
किट वितरण नहीं, राशि निकासी का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित किट का वितरण नहीं किया गया, जबकि योजना की राशि की निकासी कर ली गई। उन्होंने दावा किया कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर वित्तीय अनियमितता हुई है। तुरी सुंडी ने आरोप लगाया है कि चाईबासा की गुप्ता इंटरप्राइजेज नामक संस्था, उसके प्रोपराइटर चंदन गुप्ता तथा प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) के कुछ पदाधिकारियों की कथित मिलीभगत से इस अनियमितता को अंजाम दिया गया है। उनका कहना है कि पूरे मामले में संगठित तरीके से वित्तीय गड़बड़ी की गई है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।
जांच के लिए टीम गठित होगी
मामले को लेकर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग की भूमिका और योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में योजना में वित्तीय अनियमितता हुई है।