Seraikela News: सरायकेला समाहरणालय सभागार में गुरुवार को जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों में चल रही योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (DDC) रीना हांसदा ने की. इस दौरान सरायकेला, गम्हरिया और कुकड़ू प्रखंडों में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, पेयजल, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना से जुड़े विकास संकेतकों पर विभागवार चर्चा हुई. अधिकारियों से योजनाओं की स्थिति और तय लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर जानकारी ली गई.
उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों को योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया.
स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी व्यवस्था सुधारने पर जोर
बैठक के दौरान DDC ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा.
उन्होंने शौचालय, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए. साथ ही ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
रीना हांसदा ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ आंकड़ों और रैंकिंग में सुधार करना नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव लाना है. उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण, नियमित निगरानी और विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने को कहा.
कमजोर संकेतकों में सुधार के लिए बनेगी कार्ययोजना
DDC ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास संकेतकों से जुड़े अपडेट आंकड़े समय पर संबंधित पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि जिले की वास्तविक प्रगति की सही जानकारी उपलब्ध हो सके.
उन्होंने कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने और तय समय सीमा में कार्रवाई करने को कहा.
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, आत्मा के उप निदेशक विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.