Giridih: गिरिडीह पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना की टीम ने बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बिराजपुर जंगल में छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन और बैंक खातों के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि बिराजपुर जंगल में कुछ साइबर अपराधी बैठकर मोबाइल फोन के जरिए ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश्वर भगत के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की पहचान बेंगाबाद थाना क्षेत्र के जुरपनिया निवासी सुरेंद्र कुमार मंडल (27 वर्ष) तथा देवघर जिले के मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा निवासी फारूक अंसारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है।
फर्जी एप बनाकर लोगों से करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे Today Delivery.apk, RTO M-Challan.apk, Customer Support.apk, IndusInd Bank E.apk और Hospital Appointment Booking.apk जैसे फर्जी एप्लीकेशन का उपयोग कर लोगों से साइबर ठगी करते थे। इसके अलावा फर्जी बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन भी किया जाता था।
8 मोबाइल और 7 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 08 मोबाइल फोन और 07 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी उपकरणों को जब्त कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 19/2026, दिनांक 4 जून 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान में जुटी हुई है।
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश्वर भगत, इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम, सहायक अवर निरीक्षक संजय मुखियार, सहायक अवर निरीक्षक गजेंद्र कुमार, आरक्षी संदीप कुमार, आरक्षी भूपाल मंडल समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
गिरिडीह पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल एप्लीकेशन या कॉल पर भरोसा न करें। किसी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।