Palamu News: पलामू जिले के 22 सरकारी स्कूलों में वर्षों से लंबित निर्माण राशि का हिसाब नहीं मिलने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. न्यू प्राथमिक विद्यालय और उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के प्रभारी हेडमास्टर सह सचिवों पर वित्तीय अनियमितता को लेकर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने संबंधित सभी प्रभारी हेडमास्टरों को एक सप्ताह के अंदर बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया है. तय समय सीमा में राशि वापस नहीं करने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है.
15 साल बाद भी नहीं हो सका 77 लाख का समायोजन
मामला सर्व शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2012-13 के बीच जारी की गई राशि से जुड़ा है. उस समय स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष और शौचालय निर्माण के लिए फंड उपलब्ध कराया गया था.
विभागीय जांच में सामने आया कि करीब 15 साल बीतने के बाद भी लगभग 77 लाख रुपये का हिसाब नहीं दिया गया है. आरोप है कि कई विद्यालयों में प्रभारी हेडमास्टर सह सचिव और ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्षों ने राशि की निकासी कर ली, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रह गया.
कुछ स्कूलों में अतिरिक्त कमरे और शौचालय अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जबकि कुछ जगहों पर राशि खर्च होने के बावजूद काम शुरू तक नहीं कराया गया.
मानदेय पर लगी रोक, जमा करनी होगी राशि
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने संबंधित प्रभारी हेडमास्टरों के मानदेय पर रोक लगा दी है. सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जब तक संबंधित अधिकारी बकाया राशि जमा करने का प्रमाण कार्यालय में नहीं देते, तब तक उनका भुगतान जारी नहीं किया जाए.
विभाग ने साफ किया है कि सात दिनों के भीतर राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.
स्कूलों में निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले ने सरकारी स्कूलों में विकास योजनाओं की निगरानी और वित्तीय जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. लंबे समय तक निर्माण राशि का हिसाब नहीं मिलना और योजनाओं का अधूरा रह जाना विभागीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है.
अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद यह देखने वाली बात होगी कि बकाया राशि की वसूली और जिम्मेदार लोगों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.