Ranchi News : झारखंड में डायबिटीज और उच्च रक्तचाप (बीपी) की पहचान एवं उपचार को लेकर चलाए जा रहे अभियान को पिछले एक वर्ष में उल्लेखनीय सफलता मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान संभव हो रही है।
एनसीडी के नोडल ऑफिसर डॉ. लाल माझी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 40,07,710 लोगों की डायबिटीज जांच की गई। वहीं 40,31,159 लोगों की उच्च रक्तचाप की जांच की गई। विभाग का मानना है कि स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ने से ऐसे मरीजों की पहचान हो रही है, जिन्हें पहले अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं थी।
निःशुल्क दवा और नियमित फॉलो-अप से मरीजों को राहत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही नियमित फॉलो-अप की व्यवस्था के कारण मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ी है और गंभीर जटिलताओं की आशंका कम हुई है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि 30 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार शुगर और बीपी की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाकर उचित उपचार शुरू किया जा सके।