Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सरकारी आवास विवाद के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए उनकी Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है. वहीं तेज प्रताप यादव की Y श्रेणी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है.
आवास विवाद के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है. हालांकि उन्होंने आवास छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है. राबड़ी देवी का कहना है कि चाहे प्रशासन बल का इस्तेमाल करे, लेकिन वह आवास खाली नहीं करेंगी. इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में लगातार बयानबाजी तेज हो रही है.
लालू और राबड़ी की सुरक्षा व्यवस्था में किया गया बदलाव
सुरक्षा समीक्षा के बाद बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी है. हालांकि दोनों नेताओं को अब भी सुरक्षा उपलब्ध रहेगी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में सीमित होगी.
राबड़ी देवी की सुरक्षा के लिए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के हाउस गार्ड, महिला और पुरुष बॉडीगार्ड, पायलट वाहन, बुलेटप्रूफ कार तथा एस्कॉर्ट कर्मियों की तैनाती जारी रहेगी.
वहीं लालू प्रसाद यादव को विशेष सुरक्षा समूह अधिनियम 2010 के प्रावधानों के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी. उनके लिए भी हाउस गार्ड, बॉडीगार्ड, पायलट वाहन, बुलेटप्रूफ कार और एस्कॉर्ट व्यवस्था बरकरार रहेगी.
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती
सुरक्षा समीक्षा का असर तेज प्रताप यादव पर भी पड़ा है. उनकी Y श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है. अब उन्हें केवल एक बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया जाएगा. हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव ने सरकारी बंगले के विवाद को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखे हमले किए थे और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की थी. ऐसे में सुरक्षा में हुई यह कटौती राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की Y+ श्रेणी की सुरक्षा पहले की तरह जारी रहेगी. वहीं सांसद मीसा भारती को तीन सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे. तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव को एक सुरक्षाकर्मी देने का निर्णय लिया गया है.
सुरक्षा समिति की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव सुरक्षा समिति की समीक्षा के आधार पर किया गया है. समिति ने संबंधित नेताओं के वर्तमान पद, राजनीतिक गतिविधियों और खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट को ध्यान में रखते हुए नई सुरक्षा व्यवस्था तय की है.
बिहार में सरकारी आवास विवाद के बीच लालू परिवार की सुरक्षा में किए गए बदलाव ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है. सरकार इसे सुरक्षा समीक्षा के तहत लिया गया नियमित प्रशासनिक फैसला बता रही है, जबकि विपक्षी खेमे में इसे राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.