Jharkhand News: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में एक कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि सिंडिकेट के फैसले के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक कर्मचारी को दोबारा मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया.
मामला सहायक संजय कुमार सिंह की तैनाती से जुड़ा है. आरोप है कि कुलपति दिनेश कुमार सिंह के स्तर से सिंडिकेट के निर्णय के विपरीत आदेश जारी किया गया.
सिंडिकेट ने मूल संस्थान भेजने का लिया था फैसला
जानकारी के अनुसार 8 मई 2025 को हुई सिंडिकेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के आधार पर प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को उनके मूल संस्थानों में वापस भेजने का निर्णय लिया गया था.
इसके बाद 15 मई 2025 को जारी आदेश में संजय कुमार सिंह को उनके मूल संस्थान एसएसजेएसएन कॉलेज, गढ़वा भेजने का निर्देश दिया गया. लेकिन उसी दिन जारी एक अन्य आदेश में उन्हें जीएलए कॉलेज, मेदिनीनगर में पदस्थापित कर दिया गया. इसके अगले ही दिन एक और आदेश जारी कर उन्हें फिर से विश्वविद्यालय मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया.
अधिकारों को लेकर उठ रहे सवाल
लगातार जारी हुए इन आदेशों के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि सिंडिकेट के निर्णय में बदलाव करने का अधिकार किस स्तर पर है और क्या इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया.
फिलहाल इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर अब विश्वविद्यालय के अंदर भी चर्चा तेज हो गई है.