Palamu News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के हेलीकॉप्टर पायलट जशवीर सिंह योद्धा को 17 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन मामले में बड़ी राहत मिली है. पलामू के व्यवहार अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रसिम चंदेल की अदालत ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पायलट को दोषमुक्त करने का आदेश दिया.
2009 लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था मामला
यह मामला वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है. आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान लालू प्रसाद यादव के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग गढ़वा के गोविंद हाई स्कूल मैदान में बिना प्रशासनिक अनुमति और तय रूट के कराई गई थी.
प्रशासन ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया था. इस केस में लालू प्रसाद यादव भी आरोपी बनाए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें साक्ष्यों के अभाव में अदालत से राहत मिल गई थी.
इसके बाद पायलट जशवीर सिंह योद्धा ही इस मामले में एकमात्र आरोपी बचे थे और उनके खिलाफ सुनवाई जारी थी.
साक्ष्यों के अभाव में मिली राहत
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं. इसके बाद कोर्ट ने जशवीर सिंह योद्धा को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए रिहाई का आदेश दिया.
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राकेश कुमार देव, झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता विकास कुमार और रमेश कुमार ने पैरवी की. फैसले के बाद बचाव पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया.