Jharkhand: झारखंड की राजनीतिक गतिविधियों के बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में बैद्यनाथ राम की उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति बनी और नामांकन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
दो सेट में तैयार किए गए प्रस्तावक
बैठक के दौरान नामांकन प्रक्रिया को लेकर कानूनी और तकनीकी प्रावधानों पर भी विचार किया गया। नियमों के अनुसार एक सेट के लिए कम से कम नौ विधायकों के प्रस्ताव की आवश्यकता होती है, लेकिन झामुमो ने दस-दस विधायकों के दो अलग-अलग सेट तैयार कर अपनी संगठनात्मक मजबूती का संकेत दिया है। पार्टी की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार 8 जून को बैद्यनाथ राम अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनके प्रस्तावक के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसे चुनावी प्रक्रिया में पार्टी की गंभीरता और उम्मीदवार के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्ष की रणनीति पर भी नजर
बैठक में केवल उम्मीदवार के नामांकन तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार, झामुमो आगे की रणनीति तय करने से पहले भाजपा के उम्मीदवार और सहयोगी दल कांग्रेस के रुख पर भी नजर बनाए हुए है। बैठक में पार्टी के कई प्रमुख नेता और विधायक शामिल हुए। इनमें स्टीफन मरांडी, मथुरा महतो, योगेंद्र प्रसाद, दीपक बिरुआ, हफीजुल हसन और बसंत सोरेन समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के जरिए पार्टी ने एकजुटता का संदेश देते हुए आगामी चुनावी मुकाबले के लिए अपनी तैयारियों का संकेत दिया।