Palamu News: पलामू के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दमदमी खनन इलाके में हुए हादसे में 24 वर्षीय युवक लवकुश कुमार की मौत के मामले में अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. खनन क्षेत्र में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबकर हुई मौत को लेकर माइंस संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ हुसैनाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
अंचल अधिकारी पंकज कुमार के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में दमदमी माइंस से जुड़े सुनील कुमार सिंह, लोकेश कुमार सिंह और एक अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106, 125 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
खनन के बाद नहीं की गई थी सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर लवकुश डूबे, वहां पहले खनन कार्य हुआ था. इसके बाद गड्ढा पानी से भर गया, लेकिन उसकी सुरक्षा के लिए न तो घेराबंदी की गई और न ही खतरे से जुड़ा कोई बोर्ड लगाया गया था.
जांच में यह भी पाया गया कि आम लोगों के उस इलाके में जाने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे. प्रशासन का मानना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था.
3 जून को हुआ था हादसा
यह घटना 3 जून को सोहेया पहाड़ स्थित खनन क्षेत्र में हुई थी. बताया गया था कि लवकुश कुमार किसी काम से खनन इलाके की ओर गया था, इसी दौरान वह पानी से भरे गहरे गड्ढे में चला गया और डूब गया.
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश फैल गया था. ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि खनन कंपनी की लापरवाही के कारण युवक की जान गई. उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की थी.
अब जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. हादसे से जुड़े दस्तावेज, खनन क्षेत्र की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की रिपोर्ट की जांच की जाएगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.
खनन इलाकों में खुले पड़े गड्ढे और सुरक्षा इंतजामों की कमी एक बार फिर सवालों के घेरे में है. लवकुश की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खनन खत्म होने के बाद ऐसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा.