National News: परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ अभिजीत दीपके का आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद उन्होंने साफ कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन सफल रहा और इसमें करीब 7 हजार लोग समर्थन के लिए पहुंचे. उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाया जाएगा.
"इस्तीफा नहीं हुआ तो जमीन पर जारी रहेगा आंदोलन"
महाराष्ट्र के छत्रपति जिले स्थित अपने घर पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं और छात्रों में नाराजगी है और जब तक इस पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं है. यह लड़ाई अब देशव्यापी आंदोलन का रूप लेगी.
सोशल मीडिया पर भी लिखा संदेश
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर पोस्ट करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा कि हजारों लोगों ने मिलकर अपनी आवाज उठाई और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया.
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग पहली बार किसी आंदोलन का हिस्सा बने थे. लेकिन सामूहिक मौजूदगी ने उन्हें अपनी नाराजगी और चिंता जाहिर करने का साहस दिया.
"कॉकरोचों को डरने की जरूरत नहीं"
अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए अभिजीत ने कहा कि बच्चों और छात्रों ने तेज गर्मी के बावजूद प्रदर्शन में भाग लिया और यह दिखाया कि शांतिपूर्ण विरोध सबसे बड़ी ताकत है.
उन्होंने कहा, "सरकार एकजुट और शांतिपूर्ण आंदोलन को दबा नहीं सकती. हम कॉकरोचों को डरने की जरूरत नहीं है."
उन्होंने आगे कहा कि अगर अगले सात दिनों में शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते हैं, तो आंदोलन को सड़क पर और आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने लोगों से आगे की रणनीति के लिए जुड़े रहने की अपील की.
फिलहाल अभिजीत दीपके के इस ऐलान के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस और तेज हो गई है.