Khunti: झारखंड के मशहूर धार्मिक स्थलों में से एक और मिनी बाबाधाम के रूप में जाने जाने वाले बाबा आम्रेश्वर धाम में सावन के महीने को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। सावन के दौरान यहां देश-दुनिया से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही अपनी कमर कस ली है। सोमवार को खूंटी के उपायुक्त (डीसी) मोहम्मद जावेद हुसैन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऋषभ गर्ग ने आम्रेश्वर धाम का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
30 जुलाई से सजेगा मेला
इस साल श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मेले के दौरान आने वाले भक्तों को किसी तरह की दिक्कत न हो और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहें, इसके लिए अधिकारियों ने अभी से योजना बनानी शुरू कर दी है। इस दौरे के दौरान उनके साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जमुदा और तोरपा के एसडीपीओ विजय कुमार सिंह भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
मंदिर कमेटी के साथ हुई बड़ी बैठक
धाम परिसर पहुँचने पर बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के लोगों ने डीसी और एसपी का स्वागत किया। इसके बाद अधिकारियों ने कमेटी के सदस्यों के साथ एक जरूरी बैठक की। इस बैठक में मेले के दौरान आने वाली संभावित भीड़, पीने के साफ पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली, पार्किंग, ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों के कामकाज की रिपोर्ट भी ली।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
निरीक्षण के दौरान डीसी और एसपी ने खुद मंदिर के आसपास के इलाकों को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़ को संभालने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए। प्रशासन का कहना है कि भक्तों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। इसके लिए मेले में अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी।
पानी, इलाज और सफाई पर रहेगा पूरा ध्यान
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं कि पूरे मेला क्षेत्र में शौचालय, सफाई और डॉक्टरों की टीम हर वक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए समय रहते सारे इंतजाम पूरे कर लिए जाएं। एंबुलेंस सेवा और आपदा प्रबंधन की टीमों को भी अलर्ट पर रखा जाएगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।