Jharkhand: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनकी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उलगुलान की चेतना, संघर्ष की मशाल और जन-जन के स्वाभिमान के प्रतीक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने हमें सिखाया कि अपनी पहचान, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन, विचार और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
कल्पना सोरेन ने किया श्रद्धापूर्वक नमन
विधायक कल्पना सोरेन ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी। उनका संघर्ष आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है और उनके आदर्श समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।
राज्यपाल ने बताया भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने धरती आबा को नमन करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा का त्याग, साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने समाज के वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह हमेशा याद रखा जाएगा।
आदर्शों पर चलने का किया आह्वान
इस अवसर पर सभी नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने तथा सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती आबा का जीवन समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों और पहचान की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।