Ranchi News : चर्चित अंकुश शर्मा हत्याकांड में चिल्ड्रेन कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। घटना के समय दोनों आरोपी नाबालिग थे, इसलिए मामले की सुनवाई चिल्ड्रेन कोर्ट में की जा रही थी।
ट्रायल के दौरान कमजोर पड़ा अभियोजन पक्ष का मामला
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की थी, उसे ट्रायल के दौरान कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया। महत्वपूर्ण साक्ष्य के अभाव में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल नहीं हो सका, जिसका लाभ आरोपियों को मिला और उन्हें बरी कर दिया गया।
2020 में बिरला मैदान से मिला था अंकुश शर्मा का शव
यह मामला सुखदेवनगर थाना से जुड़ा है। 4 फरवरी 2020 को अंकुश शर्मा का शव बिरला मैदान से बरामद हुआ था। आरोप था कि उसकी हत्या करने के बाद शव को वहां फेंक दिया गया था। घटना के बाद इलाके में काफी सनसनी फैल गई थी।
छेड़खानी के आरोप को लेकर हुई थी मारपीट
पुलिस जांच में सामने आया था कि मृतक पर एक आरोपी की नाबालिग बहन का पीछा करने और उससे छेड़खानी करने का आरोप था। इसी बात से नाराज होकर नाबालिग आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर लाठी, डंडे, हॉकी स्टिक और ईंट-पत्थर से हमला किया था। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद सुखदेवनगर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान वही सीसीटीवी फुटेज अदालत में पेश नहीं किया जा सका, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया और अंततः दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया।