Bhandara Wainganga River: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में रविवार शाम वैनगंगा नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया. कर्चखेड़ा गांव के पास नदी में नहाने गए सात युवकों की नाव अचानक पलट गई. हादसे के बाद सभी लोग पानी में गिर गए. इनमें दो युवक गहरे पानी में डूब गए, जबकि पांच अन्य युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तैरकर किनारे तक पहुंचकर अपनी जान बचा ली. घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और मायूसी का माहौल है. जिला प्रशासन और पुलिस की टीम देर रात तक राहत और बचाव कार्य में जुटी रही.
नदी के बीच बने टापू पर नहाने गए थे सात युवक
मिली जानकारी के अनुसार रविवार 7 जून की शाम करीब 6.30 बजे सात युवक एक निजी नाव के जरिए वैनगंगा नदी के बीच स्थित एक टापू पर पहुंचे थे. सभी युवक वहां नहाने और समय बिताने गए थे. नहाने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी नदी के बीच में उनकी नाव अचानक असंतुलित हो गई और कुछ ही पलों में पलट गई. इससे नाव में सवार सभी लोग पानी में जा गिरे.
हादसे के दौरान दो युवक गहरे पानी में समा गए
अचानक हुए इस हादसे में अंबेडकर वार्ड निवासी 34 वर्षीय पवन मुरली चौबे और चांदनी चौक निवासी 26 वर्षीय कृष्णा जगन्नाथ बोकड़े गहरे पानी में डूब गए. वहीं आकाश केवट, सुबोध विलास ढोक, काशीनाथ फत्तू मेश्राम, मृणाल बालकृष्ण मंडूकर और अर्जुन मोतीराम मेश्राम ने हिम्मत और सतर्कता का परिचय देते हुए तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता हासिल की.
सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. भंडारा जिला कंट्रोल रूम के निर्देश पर सर्च और रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया. अधिकारियों की निगरानी में देर रात तक बचाव अभियान चलाया जाता रहा.
तेज बहाव और अंधेरे ने बढ़ाई राहत कार्य की मुश्किलें
सूत्रों के मुताबिक नदी में पानी का बहाव तेज होने और रात का अंधेरा बढ़ने की वजह से राहत और बचाव अभियान में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद सर्च टीम लगातार दोनों युवकों की तलाश में जुटी रही. प्रशासन का कहना है कि अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
हादसे के बाद कर्चखेड़ा इलाके में पसरा मातम
इस दर्दनाक घटना के बाद कर्चखेड़ा और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे और बचाव अभियान पर नजर बनाए रखी. परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है और हर कोई दोनों युवकों के बारे में अच्छी खबर की उम्मीद लगाए बैठा है.
मानसून के दौरान सुरक्षा उपाय बढ़ाने की उठी मांग
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर और बहाव तेजी से बढ़ जाता है, ऐसे में नाव से सफर करने वालों के लिए विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. साथ ही सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने और एहतियाती इंतजाम बढ़ाने की भी मांग उठने लगी है.