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  • 2026-06-09

Jharkhand News: झारखंड में छात्रों की बनेगी डिजिटल पहचान, APAAR ID नहीं होने पर अटक सकती हैं कई शैक्षणिक सुविधाएं

Jharkhand News: झारखंड में छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू की गई APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) ID को स्कूलों और विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है.

शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षण संस्थानों को प्रत्येक छात्र की APAAR ID तैयार कराने का लक्ष्य दिया है. इसके जरिए विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा.

ABC ID से जुड़ेगा छात्रों का पूरा अकादमिक रिकॉर्ड
उच्च शिक्षा संस्थानों में APAAR ID को Academic Bank of Credits (ABC) से जोड़ा जा रहा है. इसके माध्यम से छात्रों के परीक्षा परिणाम, शैक्षणिक क्रेडिट और अन्य उपलब्धियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा.

भविष्य में नामांकन, परीक्षा फॉर्म, क्रेडिट ट्रांसफर और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट जैसी व्यवस्थाओं में APAAR ID की अहम भूमिका होगी.
रांची विश्वविद्यालय ने भी सभी कॉलेजों को छात्रों की प्रोफाइल के साथ APAAR ID लिंक करने का निर्देश दिया है. नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से APAAR और ABC ID की जानकारी मांगी जा रही है.

रिकॉर्ड में अंतर और तकनीकी समस्याएं बन रही बाधा
हालांकि APAAR ID बनाने की प्रक्रिया में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं. कई जिलों में बड़ी संख्या में छात्र अभी तक इस डिजिटल व्यवस्था से नहीं जुड़ पाए हैं.
आधार कार्ड और स्कूल रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि या अभिभावक की जानकारी में अंतर होने के कारण सत्यापन प्रक्रिया अटक रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जानकारी की कमी भी एक बड़ी परेशानी बनी हुई है.

विशेष शिविर लगाकर दूर की जाएंगी कमियां
शिक्षा विभाग अब जिलों में विशेष शिविर लगाने की तैयारी कर रहा है, ताकि आधार और शैक्षणिक रिकॉर्ड से जुड़ी गलतियों को सुधारा जा सके.

विभागीय आंकड़ों के अनुसार धनबाद के कई स्कूलों में अब तक नए APAAR ID बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है. वहीं बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में छात्रों की डिजिटल पहचान तैयार होना बाकी है.
सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र को एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान मिले, जिससे शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सके.
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