Amravati MLC Election: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. इसी बीच अमरावती से कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख के पिछले चार दिनों से पार्टी नेताओं के संपर्क से बाहर होने के बाद विवाद और गहरा गया है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने महायुति सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर ही निशाना साधा है.
उम्मीदवार के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी
पूरे विवाद की शुरुआत अमरावती विधान परिषद चुनाव से जुड़ी है. कांग्रेस ने हर्षजीत देशमुख को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पिछले चार दिनों से वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं. उनके अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है और पार्टी नेताओं के बीच चिंता बढ़ गई है.
सूत्रों के मुताबिक, कई स्तरों पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक पार्टी को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है. इसी वजह से इस मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है.
यशोमती ठाकुर ने हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र से खिलवाड़ का लगाया आरोप
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता यशोमती ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य मामला मानने से इनकार किया है. उनका आरोप है कि चुनावी समीकरण बदलने के लिए सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की ओर से हॉर्स ट्रेडिंग का सहारा लिया जा रहा है.
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाने और उन्हें चुनावी मुकाबले से दूर करने की कोशिश की जा रही है. यशोमती ठाकुर का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और यह बेहद गंभीर मामला है.
20 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी लगाया बड़ा आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान यशोमती ठाकुर ने एक और सनसनीखेज दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अमरावती के इस चुनाव को प्रभावित करने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आ रही है.
उनका कहना है कि चुनावी समीकरण बदलने और विपक्षी उम्मीदवारों को मैदान से हटाने के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक प्रलोभन दिए जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया.
निजी अस्पताल में भर्ती होने की चर्चा पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस बीच कुछ स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई कि हर्षजीत देशमुख नागपुर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं.
पार्टी नेताओं का कहना है कि बीमारी का हवाला देकर वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश की जा रही है. उनका मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम महज संयोग नहीं है और इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति हो सकती है.
फडणवीस ने कहा, अपने उम्मीदवार नहीं संभाल पा रही कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने ही उम्मीदवारों को संभाल नहीं पा रहे हैं, वे अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं.
फडणवीस ने यशोमती ठाकुर को बिना सबूत के आरोप लगाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि यदि उनके पास 10 से 15 करोड़ या उससे अधिक राशि के लेनदेन से जुड़ा कोई भी प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए. सरकार ऐसे मामलों में तत्काल सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अमरावती में चुनावी प्रक्रिया सामान्य ढंग से चल रही है और कांग्रेस की आंतरिक समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है.
उम्मीदवार की गैरमौजूदगी से गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति
हर्षजीत देशमुख के अचानक संपर्क से बाहर होने की घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ कांग्रेस इसे लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, तो दूसरी ओर महायुति सरकार सभी आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है.
अमरावती विधान परिषद चुनाव के बीच कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख के संपर्क से बाहर होने के मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. यशोमती ठाकुर के गंभीर आरोपों और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पलटवार के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है. फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हर्षजीत देशमुख को लेकर सामने आ रही अलग अलग जानकारियों के बीच आगे क्या तस्वीर साफ होती है और यह मामला राजनीतिक रूप से किस दिशा में जाता है.