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  • 2026-06-11

Jharkhand Mine Dispute: गुवा खदान में मजदूरों की समस्याओं को लेकर झामसंसं की पहल, प्रबंधन को दी आंदोलन की चेतावनी

Jharkhand Mine Dispute: गुवा क्षेत्र में मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने आवाज तेज कर दी है. मंगलवार को संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने यूनियन पदाधिकारियों के साथ सेल की गुवा खदान, क्रेशर प्लांट और अन्य कार्यस्थलों का निरीक्षण किया. दौरे के बाद उन्होंने सेल के मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात कर मजदूरों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई.
ठेका मजदूरों की मजदूरी को लेकर यूनियन ने उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान यूनियन के सामने कई ठेका मजदूरों ने मजदूरी से जुड़ी शिकायतें रखीं. इस पर रामा पाण्डे ने कहा कि कुछ ठेकेदार तय मानकों के अनुरूप भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे मजदूरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने प्रबंधन से लंबित भुगतान जल्द कराने और भविष्य में सभी ठेका कर्मियों को न्यूनतम निर्धारित मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की. उनका कहना था कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

सुरक्षा और प्रदूषण के मुद्दे पर भी जताई गंभीर चिंता
रामा पाण्डे ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हो रहे हैं. ऐसे में डीजीएमएस और आईबीएम के निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है.

उन्होंने खदान क्षेत्र में बढ़ते धूल प्रदूषण पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण धूलकण हवा में फैल रहे हैं, जिससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. इसलिए प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की जरूरत है.

बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर यूनियन ने रखी अपनी बात
बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था पर संघ के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है. ऐसे में अंतिम फैसला आने से पहले मजदूरों पर जबरन बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यूनियन न्यायालय के आदेश का पूरा सम्मान करेगी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने स्पष्ट किया कि मजदूरी, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा. रामा पाण्डे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर खदान क्षेत्र से लेकर मुख्यालय स्तर तक संघर्ष को और तेज किया जाएगा.

मजदूरों के हितों को लेकर बढ़ी उम्मीदें
गुवा खदान क्षेत्र में मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर यूनियन की सक्रियता बढ़ने के बाद अब सभी की नजर प्रबंधन के अगले कदम पर है. मजदूरों का मानना है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान होता है तो इससे कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वास्थ्य और श्रमिकों के अधिकारों को मजबूती मिलेगी.
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