Stock Market: दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ नजर आया। 11 जून को बीएसई सेंसेक्स 367 अंकों की गिरावट के साथ 73,615 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,104 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गिफ्ट निफ्टी भी 71 अंकों से अधिक फिसलकर लाल निशान में कारोबार करता दिखा, जिससे बाजार में कमजोरी के संकेत पहले ही मिल चुके थे।
ईरान-अमेरिका तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
बाजार में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। साथ ही अमेरिका में उम्मीद से अधिक बढ़ती महंगाई ने निवेशकों की बेचैनी और बढ़ा दी है, जिससे भारतीय बाजार में भी दबाव बना हुआ है।
एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली, डाऊ जोंस भी टूटा
तनाव के बीच एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। एमएससीआई एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 0.9 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3 प्रतिशत तक लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225 करीब 2 प्रतिशत टूट गया। वहीं अमेरिकी बाजार में डाऊ जोंस 953 अंक गिरकर 49,918 पर बंद हुआ और एसएंडपी 500 में 1.62 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
तेल में उछाल, ओरेकल के नतीजों के बाद भी शेयर फिसला
अमेरिका द्वारा ईरान में नए हमलों और ईरान की ओर से होर्मुज जलमार्ग बंद करने की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के नजदीक पहुंच गया। दूसरी ओर, सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल ने उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए, लेकिन 40 अरब डॉलर जुटाने और 70 अरब डॉलर के पूंजीगत निवेश की योजना से निवेशक चिंतित दिखे। इसी वजह से आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में कंपनी का शेयर 10.2 प्रतिशत गिरकर 201.26 डॉलर तक पहुंच गया।