Jamshedpur: टाटा स्टील में लंबित वेज रिवीजन समझौते को लेकर गुरुवार को कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के शीर्ष नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जमशेदपुर स्थित जनरल ऑफिस में हुई यह बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5:30 बजे तक चली। हालांकि लंबे मंथन के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। इस बार की बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है क्योंकि चर्चा सीधे कंपनी की चीफ पीपुल ऑफिसर (CPO) अतरई सान्याल की अध्यक्षता में हुई। इससे पहले वेज रिवीजन को लेकर वार्ताएं मुख्य रूप से एचआर विभाग के स्तर पर होती रही थीं। बैठक में टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह भी मौजूद रहे।
डीए के प्रति प्वाइंट बढ़ोतरी पर अटका मामला
बैठक के दौरान सबसे अधिक चर्चा एनएस ग्रेड कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) की प्रति प्वाइंट दर बढ़ाने को लेकर हुई। प्रबंधन का पक्ष था कि वर्तमान व्यवस्था के तहत महंगाई सूचकांक बढ़ने पर कर्मचारियों के डीए में स्वतः वृद्धि होती है, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। ऐसे में प्रति प्वाइंट दर में अलग से बढ़ोतरी करना वित्तीय दृष्टि से कंपनी पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रबंधन के तर्कों से असहमति जताते हुए कहा कि एनएस ग्रेड लागू होने के बाद से करीब 16-17 वर्षों में डीए की प्रति प्वाइंट दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनका कहना था कि लंबे समय से लंबित इस मांग पर अब सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिल सके।
बिना नतीजे के समाप्त हुई बैठक
सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहे, जिसके चलते बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। चर्चा के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण भी रहा। अंततः यह तय किया गया कि अगली बैठक में इस विषय पर आगे विचार-विमर्श किया जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने यूनियन से कहा कि वे व्यापक औद्योगिक और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान तलाशें, जिससे कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनी रहे। वहीं यूनियन ने दोहराया कि वर्षों से लंबित डीए संशोधन को लेकर कर्मचारियों में अपेक्षाएं हैं और इस मामले में मानवीय तथा न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
अगली बैठक पर टिकी उम्मीदें
वेज रिवीजन को लेकर जारी बातचीत के बीच अब कर्मचारियों की निगाहें अगली वार्ता पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाली बैठकों में दोनों पक्ष किसी साझा समाधान पर पहुंचने का प्रयास करेंगे, जिससे लंबे समय से लंबित मुद्दों का रास्ता साफ हो सके।