Jharkhand News: झारखंड सरकार ने खनन क्षेत्र से राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 12 प्रमुख खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए तैयार किया गया है. सरकार का लक्ष्य आने वाले वित्तीय वर्षों में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए राज्य की आय बढ़ाना है.
इन खनिज ब्लॉकों में सोना, लौह अयस्क, तांबा, चूना पत्थर और बेस मेटल जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं. नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों में खनन गतिविधियां शुरू होने की संभावना है.
छह जिलों के खनिज ब्लॉक होंगे शामिल
सरकारी योजना के अनुसार नीलामी में राज्य के छह जिलों के खनिज ब्लॉक शामिल किए जाएंगे. इनमें रांची, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और गिरिडीह जिले प्रमुख हैं.
इन जिलों में मौजूद खनिज संपदा को चिन्हित कर सरकार ने नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है. इससे खनन क्षेत्र में नए निवेशकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है.
सोना, लौह अयस्क और तांबा जैसे खनिजों पर फोकस
झारखंड पहले से ही खनिज संपदा के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है. राज्य में कोयला, लौह अयस्क सहित कई अन्य खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है. अब सरकार सोना, तांबा, लौह अयस्क, चूना पत्थर और बेस मेटल जैसे खनिजों के दोहन पर विशेष ध्यान दे रही है. इससे खनिज आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
निवेश और रोजगार बढ़ाने की उम्मीद
सरकार का मानना है कि खनिज ब्लॉकों की नीलामी से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा. खनन शुरू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इसके अलावा खनिज आधारित उद्योगों को कच्चा माल मिलने से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है.