Ranchi News : पाकुड़ में पत्थर खनन से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में अब प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला खनन पदाधिकारी ने 9 पूर्व खनन पट्टाधारियों और 4 आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है। आरोप है कि खनन पट्टे हासिल करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर कर पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त की गई थी।
रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने के बाद रद्द हुई पर्यावरणीय मंजूरी
जांच में सामने आया कि कंटिग्युअस रिपोर्ट में कथित छेड़छाड़ कर पर्यावरणीय स्वीकृति हासिल की गई थी। ऑडिट रिपोर्ट में अनियमितताएं उजागर होने के बाद राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) ने संबंधित मंजूरियों को रद्द कर दिया था। इसके साथ ही कई खनन पट्टों को भी निरस्त कर दिया गया था। मामले की विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है।
दो साल की देरी पर उठ रहे सवाल, अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में सबसे बड़ा सवाल एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर उठ रहा है। वर्ष 2024 में अनियमितताओं की जानकारी सामने आने और हाईकोर्ट तथा एसीबी स्तर पर जांच शुरू होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया अब शुरू की गई है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई में हुई देरी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।