Jharkhand Big News: झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने गुरुवार देर रात खुद मोर्चा संभालते हुए पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित देवबंद पहाड़ पर छापेमारी कर अवैध खनन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया. मंत्री की अचानक कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया. मौके से चार हाईवा, एक पोकलेन मशीन समेत कई वाहन जब्त किए गए हैं.
शिकायत मिलने पर खुद पहुंचे मंत्री
जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री को लगातार सूचना मिल रही थी कि देवबंद पहाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मोरम का अवैध खनन कर उसे बिहार भेजा जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार पुलिस और अंचल प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से मामला मंत्री तक पहुंचा. शिकायत मिलते ही राधा कृष्ण किशोर ने स्वयं स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया.
रात 11 बजे सुरक्षाबलों के साथ मारी रेड
गुरुवार रात करीब 11 बजे वित्त मंत्री अपने सुरक्षाबलों के साथ सीधे देवबंद पहाड़ पहुंच गए. अचानक हुई छापेमारी से अवैध खनन में लगे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. अंधेरे का फायदा उठाकर कई कारोबारी और खनन से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए.
मंत्री ने मौके से एसपी को दी सूचना
छापेमारी के दौरान वित्त मंत्री ने पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और कुछ ही देर में छतरपुर एसडीओ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए. इसके बाद अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और मशीनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई.
अवैध खनन से सरकार को हो रहा नुकसान
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अवैध खनन के कारण राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सह खान मंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे राज्य में अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में खनन माफिया सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों ने खोली खनन माफियाओं की पोल
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में पिछले करीब एक वर्ष से अवैध खनन का कारोबार चल रहा था. ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया लोगों को डराते-धमकाते थे और रात नौ बजे के बाद घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी देते थे. इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ था.
प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी
जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मामले में लघु खनिज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त वाहनों का पंजीकरण बिहार और छत्तीसगढ़ में हुआ है. प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है.