Ranchi News: रांची के नामकुम अंचल में भूमि खरीद-बिक्री और सरकारी अभिलेखों में कथित हेरफेर के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अदालत को बताया है कि मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है. अब उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है.
हाईकोर्ट में हुई मामले की सुनवाई
इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता थॉमस साइमन साइरिल हंस द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एसीबी ने अदालत को जांच की प्रगति से अवगत कराया और बताया कि अंचल कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई में पीई से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर कोर्ट ने दिया था जांच का आदेश
गौरतलब है कि 4 मई को झारखंड हाईकोर्ट ने नामकुम अंचल के एक दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामले में मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने को गंभीर मानते हुए एसीबी को पूरे प्रकरण की जांच का आदेश दिया था. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में हुई थी.
डुंडु क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है विवाद
जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह रांची के नामकुम अंचल अंतर्गत डुंडु क्षेत्र में स्थित है. आरोप है कि भूमि के स्वामित्व और म्यूटेशन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर की गई, जिसके कारण मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा. अब एसीबी इस पूरे प्रकरण में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है.