Jharkhand News: केंद्र सरकार ने कोयला कारोबार में बड़ा बदलाव करते हुए कोल एक्सचेंज नियम-2026 को लागू कर दिया है. नई व्यवस्था के बाद अब कोयले की कीमतें सरकारी स्तर पर तय होने के बजाय बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होंगी. सरकार का दावा है कि इससे कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेश को नई गति मिलेगी.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी खरीद-बिक्री
नए नियमों के तहत कोयले की खरीद और बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म पर कोयला उत्पादक, खनन कंपनियां, बिजली उत्पादन इकाइयां, स्टील और सीमेंट उद्योग समेत अन्य खरीदार सीधे हिस्सा ले सकेंगे.
खुली बोली प्रक्रिया के जरिए कोयले की अलग-अलग श्रेणियों की कीमत तय होगी. इससे खरीदारों और विक्रेताओं को एक समान बाजार व्यवस्था मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
झारखंड को राजस्व बढ़ने की उम्मीद
कोयला उत्पादन में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल झारखंड को इस बदलाव से फायदा मिलने की संभावना है. बाजार आधारित कीमतों के कारण यदि कोयले का मूल्य बढ़ता है तो राज्य को रॉयल्टी और अन्य खनिज मदों से अधिक आय मिल सकती है. इसके अलावा नई खदानों के विकास और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं.
उद्योगों की लागत बढ़ने की आशंका
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार के अनुसार कीमत तय होने से कोयले पर निर्भर उद्योगों का खर्च बढ़ सकता है. इसका असर बिजली उत्पादन, औद्योगिक लागत और आगे चलकर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है.