NEWS 26 EXCLUSIVE : घाघीडीह सेंट्रल जेल के मुलाकात कक्ष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ लोग मुलाकात कक्ष के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं। जबकि जेल नियमों के अनुसार किसी भी कैदी से मिलने आने वाले व्यक्ति को मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती।
रंगदारी मामले में जेल भेजे गए चार आरोपी वीडियो में दिखे
जानकारी के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहे चारों आरोपी हाल ही में गोलमुरी क्षेत्र के एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किए गए थे और वर्तमान में घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि किसी मुलाकाती ने इन आरोपियों से मुलाकात के दौरान मोबाइल फोन से यह वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जेल परिसर के अंदर मोबाइल फोन पहुंचा कैसे। यदि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया सख्त है तो फिर प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुलाकात कक्ष तक कैसे पहुंच गया।
प्रवेश द्वार की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल में प्रवेश के दौरान मुलाकातियों की जांच की जाती है और मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अंदर ले जाना प्रतिबंधित होता है। ऐसे में वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच चर्चा है कि कहीं सुरक्षा जांच में लापरवाही तो नहीं बरती गई या फिर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है।
कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या जेल के प्रवेश द्वारों पर अवैध लेन-देन के कारण नियमों की अनदेखी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
झारखंड की विभिन्न जेलों से पहले भी मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के इस्तेमाल से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। कई बार जेल के अंदर से वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
अब घाघीडीह सेंट्रल जेल से सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि मोबाइल फोन जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।