Jamshedpur Big News: टाटानगर रेलवे स्टेशन को वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और रखरखाव के लिहाज से बड़ी सौगात मिलने वाली है. दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस और नए कोचिंग डिपो के विस्तार से जुड़ी 383.78 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है. फिलहाल यह योजना प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड के पास विचाराधीन है. यह जानकारी दक्षिण-पूर्व रेलवे ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत रेलवे पैसेंजर कमेटी के सदस्य शशांक शेखर स्वाई को उपलब्ध कराई है.
वर्तमान में कई वंदे भारत ट्रेनों का प्रमुख स्टेशन है टाटानगर
अभी टाटानगर रेलवे स्टेशन से टाटा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस की विभिन्न सेवाओं के अलावा टाटानगर-ब्रह्मपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है. वहीं रांची-हावड़ा और हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस भी टाटानगर होकर गुजरती हैं. बढ़ती ट्रेनों और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रेलवे यहां आधुनिक मेंटेनेंस सुविधा विकसित करना चाहता है.
लोको कॉलोनी में बनेगा नया हाईटेक डिपो
परियोजना के तहत टाटानगर स्टेशन के मौजूदा कोचिंग डिपो को स्थानांतरित कर लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया अत्याधुनिक डिपो विकसित किया जाएगा. इस डिपो में वंदे भारत ट्रेन सेटों के रखरखाव, तकनीकी परीक्षण और नियमित निरीक्षण के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई पीढ़ी की ट्रेनों के लिए विशेष तकनीकी ढांचे की आवश्यकता होती है, जिसे ध्यान में रखकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है.
जमशेदपुर को मिलेगा बड़ा लाभ
नए कोचिंग डिपो के निर्माण से टाटानगर रेलवे स्टेशन की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इसके साथ ही भविष्य में जमशेदपुर से अन्य प्रमुख शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी आसान हो जाएगा.
रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से न केवल रेल सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी आधारभूत संरचना को भी मजबूती मिलेगी.
मंजूरी मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही परियोजना के लिए टेंडर जारी करने और निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. रेलवे को उम्मीद है कि यह परियोजना टाटानगर को पूर्वी भारत के प्रमुख रेल मेंटेनेंस केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.