Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही नाराजगी अब खुलकर सामने आती दिख रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में टीएमसी के पूर्व नेता सुदीप बंदोपाध्याय के दिल्ली पहुंचकर भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात करने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
बताया जा रहा है कि सुदीप बंदोपाध्याय के साथ सांसद शताब्दी रॉय भी मौजूद थीं. इस मुलाकात के बाद टीएमसी के उन सांसदों की संख्या 20 तक पहुंचने की चर्चा शुरू हो गई है, जो पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं. इससे पहले 19 सांसदों के अलग गुट बनाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपने की खबर सामने आई थी.
पार्टी में लगातार नजरअंदाज किए जाने से नाराज थे सुदीप
सुदीप बंदोपाध्याय टीएमसी के शुरुआती दौर के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय तक पार्टी नेतृत्व के करीबी रहे हैं. हालांकि पिछले कुछ समय से संगठन में उनकी भूमिका सीमित होने की चर्चा चल रही थी.
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव के बाद पार्टी में सुदीप की सक्रियता कम हुई, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ी. पार्टी के कई मुश्किल दौर में ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने वाले सुदीप का यह कदम टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
लोकसभा में अलग गुट बनाने की तैयारी?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नाराज सांसद जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं. हालांकि अभी तक सुदीप बंदोपाध्याय की ओर से पार्टी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. आने वाले दिनों में सुदीप और अन्य नाराज नेताओं का रुख बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है.