Hazaribagh News : चौपारण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गंभीर मरीजों को समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने और लगातार रेफर किए जाने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में कुछ मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई आवश्यक सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हजारीबाग, बरही या रांची जैसे बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है, जिससे इलाज में देरी होती है।
समय पर इलाज नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार मरीजों की हालत रास्ते में ही बिगड़ जाती है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि स्थानीय अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, उपकरण और दवाइयों की व्यवस्था होती तो कई मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग, विभागीय स्तर पर समीक्षा की मांग
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से चौपारण की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
लगातार सामने आ रही शिकायतों और मरीजों की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सके।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होने से गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी और रेफरल की बढ़ती समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।