Jamshedpur News: जमशेदपुर में झारखंड पुलिस के सेवानिवृत्त अवर निरीक्षक अरुण कुमार साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनके पुत्र नवीन कुमार के बयान पर बिष्टुपुर स्थित साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने उनसे करीब 10 लाख रुपये की ठगी कर ली।
सेना में पहचान का दावा कर बनाया भरोसा
शिकायत के अनुसार वर्ष 2015 में हवलदार पद पर कार्यरत अरुण कुमार की मोबाइल फोन के जरिए सतेन्द्र कुमार नामक व्यक्ति से पहचान हुई। उसने खुद को सेना का जवान बताया। बाद में उसकी बातचीत पूनम नाम की महिला से कराई गई, जिसने सेना में कार्यरत होने और उच्च अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया। बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों ने किस्तों में लगभग पांच लाख रुपये वसूल लिए।
वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का जाल
जब नौकरी नहीं लगी और अरुण कुमार ने जानकारी मांगी तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसी दौरान महिला की आवाज और वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर उन्हें जाल में फंसाया गया। बातचीत के दौरान उनकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई, जिसके आधार पर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। सामाजिक बदनामी के डर से वे आरोपियों की मांगें मानते रहे।
8 साल तक ऐंठते रहे रकम, जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित परिवार के अनुसार वर्ष 2015 से 2023 के बीच ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के जरिए अपराधियों ने करीब 10 लाख रुपये वसूल लिए। इसमें सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन की राशि भी शामिल है। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस जांच में जुट गई है।