Jharkhand News: झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने अपनी प्रशासनिक और क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के वाहनों की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की है. विभाग को लग्जरी वाहनों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी रफ-एंड-टफ गाड़ियों की भी जरूरत है.
विभाग की ओर से जारी निविदा में सेडान, कॉम्पैक्ट सेडान, एसयूवी, कॉम्पैक्ट एसयूवी और एमयूवी श्रेणी के वाहनों को शामिल किया गया है. खास बात यह है कि आपूर्ति किए जाने वाले सभी वाहनों का रंग सफेद होना अनिवार्य रखा गया है. साथ ही कोई भी वाहन तीन साल से अधिक पुराना या दुर्घटनाग्रस्त नहीं होना चाहिए.
इन वाहनों को किया गया शामिल
निविदा में प्रीमियम और एसयूवी श्रेणी के तहत टोयोटा इनोवा क्रिस्टा, टाटा सफारी और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसे वाहनों को शामिल किया गया है.
वहीं सेडान श्रेणी में हुंडई वर्ना, होंडा सिटी, वोक्सवैगन वर्टस, स्कोडा स्लाविया और मारुति सुजुकी सियाज जैसे मॉडल शामिल हैं.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित उपयोग के लिए महिंद्रा बोलेरो, महिंद्रा बोलेरो नियो, हुंडई ऑरा, होंडा अमेज और मारुति सुजुकी डिजायर जैसे वाहनों को भी प्राथमिकता दी गई है.
तीन साल तक रहेगा अनुबंध
निविदा के अनुसार चयनित एजेंसी के साथ अनुबंध न्यूनतम तीन वर्षों के लिए होगा. शुरुआती बाह्य स्रोत सेवा अवधि दो साल निर्धारित की गई है. वाहनों के संचालन के लिए मासिक आधार पर 1500 किलोमीटर प्रति माह (12 घंटे प्रतिदिन) और दैनिक आधार पर 80 किलोमीटर (10 घंटे प्रतिदिन) की दर तय की जाएगी. विभाग का कहना है कि इन वाहनों की व्यवस्था से क्षेत्रीय निरीक्षण, योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा.