Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में रविवार का दिन गम और मातम के माहौल में बीता। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों के शव जब देर रात उनके घर पहुंचे, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर तरफ चीख-पुकार व मातम का माहौल बन गया। रविवार सुबह पांचों मृतकों के जनाजे एक साथ उठे, जिनमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और शुभचिंतक पहुंचे।
शादी समारोह से जियारत तक का सफर, फिर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार मेदिनीनगर के चार करीबी मित्र और एक चालक बिहार के डेहरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के बाद सभी उत्तर प्रदेश स्थित किछौछा शरीफ में जियारत के लिए पहुंचे। वहां से लौटते समय आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक के नीचे जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मेदिनीनगर के पांच लोगों की गई जान
हादसे में कांजी हाउस मोहल्ला निवासी अजमल आलम, गोसिया मदरसा क्षेत्र के सोहराब राइन, पनेरी गली निवासी चालक अरबाज खान, मुस्लिम नगर निवासी कैश आलम और नूरी मस्जिद मोहल्ला निवासी हाजी अब्दुल रजाक की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई और मृतकों के घरों पर लोगों का तांता लग गया।
छोटी मस्जिद में अदा हुई जनाजे की नमाज
रविवार सुबह कन्नी राम चौक के समीप स्थित छोटी मस्जिद में सभी मृतकों की जनाजे की नमाज अदा की गई। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों के लोग पहुंचने लगे। नमाज के बाद एक-एक कर जनाजों को अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया, जहां उन्हें कंधा देने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े।
नम आंखों से दी अंतिम विदाई, सुपुर्द-ए-खाक किए गए पांचों शव
जनाजे की नमाज के बाद सभी मृतकों को पुलिस लाइन रोड स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। नम आंखों के साथ लोगों ने मृतकों को अंतिम विदाई दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।