Seraikela: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ की 134वीं और 157वीं बटालियन द्वारा संयुक्त रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 134वीं बटालियन मुख्यालय, दुगनी में जिला अस्पताल सरायकेला के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों को जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराना था। रक्तदान शिविर का आयोजन कमांडेंट त्रिलोक नाथ सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान द्वितीय कमान अधिकारी दीपेन्द्र कुमार, उप कमांडेंट (प्रशासन) पुरुषोत्तम वर्मा, ए. रमेश समेत 134वीं और 157वीं बटालियन के कई अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदान अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
जिला अस्पताल की मेडिकल टीम रही मौजूद
शिविर में जिला अस्पताल सरायकेला की स्टाफ नर्स चीना कुमारी, लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार महतो सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सा दल ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद रक्त संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।रक्तदान शिविर में दोनों बटालियनों के कुल 22 जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 134वीं बटालियन के 16 और 157वीं बटालियन के 6 जवान शामिल रहे। जवानों ने उत्साह के साथ रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा : दीपेन्द्र कुमार
द्वितीय कमान अधिकारी दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ केवल देश की आंतरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही है। विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह शिविर मानवता और जनसेवा के प्रति बल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
रक्तदाताओं और चिकित्सा दल का जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, चिकित्सा दल तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले अधिकारियों और जवानों का आभार व्यक्त किया गया। शिविर में संग्रहित रक्त स्थानीय क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाएगा।