Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र स्थित कुकड़ू साप्ताहिक हाट में 14 जून 2019 को हुए नक्सली हमले को सात वर्ष पूरे हो गए हैं। सात साल बीत जाने के बाद भी उस दिन की भयावह घटना की यादें आज भी स्थानीय लोगों के जेहन में ताजा हैं। शहादत दिवस के अवसर पर तिरुलडीह थाना पुलिस द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार 14 जून 2019 की शाम कुकड़ू साप्ताहिक हाट में रोज की तरह लोगों की भीड़ थी। दूर-दराज के गांवों से आए लोग खरीदारी में व्यस्त थे। इसी दौरान गश्ती कर लौटे तिरुलडीह थाना के कुछ पुलिसकर्मी हाट के समीप एक दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, जबकि कुछ जवान आसपास मौजूद थे। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही क्षणों में पूरा इलाका गोलियों की आवाज से दहल उठेगा।
बताया जाता है कि पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। पहले धारदार हथियारों से वार किया गया और बाद में जवानों के हथियार लूटकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। अचानक हुए इस हमले से हाट में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पांच जवानों ने दिया था सर्वोच्च बलिदान
नक्सलियों के इस हमले में एएसआई गोवर्धन पासवान, एएसआई मनोधन हांसदा, आरक्षी धनेश्वर महतो, आरक्षी डिब्रू पूर्ति और आरक्षी युधिष्ठिर मलुवा शहीद हो गए थे। कर्तव्य पालन के दौरान इन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे आज भी क्षेत्र के लोग सम्मान के साथ याद करते हैं।
शहादत के बाद भी शुरू नहीं हो सका कुकड़ू थाना
इस हमले के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। सबसे बड़ा सवाल कुकड़ू थाना भवन को लेकर आज भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर वर्ष 2016 में थाना भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी वहां से थाना का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पुलिस अधिकारियों, जवानों और स्थानीय लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष 14 जून को शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है, लेकिन कुकड़ू थाना संचालन शुरू नहीं होने का सवाल आज भी अनुत्तरित है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते थाना भवन से पुलिस व्यवस्था शुरू कर दी जाती तो क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सकती थी।
सात वर्ष बाद भी कुकड़ू के लोगों के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है. पांच वीर जवानों की शहादत के बाद भी आखिर कुकड़ू थाना का संचालन कब शुरू होगा?